Surah Adiyat in Hindi | सूरह अल अदियात हिंदी में

Surah Adiyat in Hindi: आज यहां पर आप इसी अजीमुश्शान व कुरान-ए-पाक की मुकद्दस सूरह को जानेंगे, साथ ही रोमन इंग्लिश में भी जानने को मिलेगी।

सूरह अल अदियात को हमने यहां पर हिंदी के साथ साथ इंग्लिश के भी बहुत ही साफ़ और आसान लफ्जों में लिखा है जिसे आप आसानी से सही सही इस सूरह को पढ़ सकें।

इसके बाद शायद आपको फ्यूचर में दोबारा कहीं पर भी सूरह अल अदियात खोजने की जरूरत नहीं होगी इसीलिए आप यहां पर सूरह अल अदियात को सही सही पढ़ कर समझ लें।

Surah Adiyat in Hindi

Surah Adiyat In Hindi

बिस्मिल्लाह हिर्रहमान निर्रहिम

वल आदियाति दब्हा

फल मूरयाति कदहा

फल मुगि राति सुबहा

फ असर न बिही नक अ्

फ व सत् न बिही जमअ्

इन्नल इनसा न लि रब्बिही लकनूद

व इन्नहु अला जालि क ल शहीद

व इन्नहु लि हुब्बिल खैरि ल शदीद

अफला याअलमू इजा बुअ सिर माफिल कुबूर

व हुस्सि लमा फिस सुदुर

इन् न रब्बहुम बिहिम यौ मए जिल ल खबीर

Surah Adiyat in Roman English

Bismillah Hirrahmaan Nirraheem

Wal Adiyaati Dabhaa

Fal Muryati Kad Haa

Fal Mugi Raati Sub Haa

Fa Asar Na Bihee Nak’A

Fa Wa Sat-na Bihee Jam’a

Innal Insa’n Li rabbihi Laqnud

Wa innahu Ala Jaali Kal Shaheed

Wa innahu Li Hubbil Khairi La Shadid

Afla Ya’Almoo Izaa Bu’aa Seer Mafeel Qubur

Wa Hussi Lamaa Fis Sudur

In Na Rabbahhum Biheem Yau Mae Zila’l Khabeer

Surah Adiyat Tarjuma in Hindi

अल्लाह के नाम से शुरू जो बहुत मेहरबान रहमत वाला, कसम उनकी जो दौड़ते हैं सिने से आवाज निकलती हुई फिर पत्थरों से आग निकालते हैं सुम मार कर फिर सुबह होते ताराज करते हैं।

फिर उस वक्त गुबार उड़ाते हैं फिर दुश्मन के बीच लश्कर में जाते हैं बेशक आदमी अपने रब का नाशुक्रा है और बेशक वह उस पर खुद गवाह है, और बेशक वह माल की चाहत में जरूर कर्रा है।

तो क्या नहीं जानता जब उठाए जाएंगे जो कब्रों में हैं और खोल दी जाएगी जो सीने में है बेशक उनके रब को उस दिन उसकी सब खबर है।

Allah Ke Naam Se Shuru Jo Meharban Rahmat Wala, Kasam Unki Jo Daudte Hain Sine Se Aawaz Nikalti Hui, Fir Pattharon Se Aag Nikalte Hain Soom Maar Kar Fir Subah Hote Taraz Karte Hain.

Fir Us Waqt Gubaar Udate Hain, Fir Dushman Ke Bich Lashkar Me Jate Hain, Beshaq Aadmi Apne Rab Ka Nashukra Hai Aur Beshaq Wah Us Par Khud Gawaah Hai, Aur Beshaq Wah Maal Ki Chahat Me Jarur Karra Hai.

To Kya Nahi Janta Jab Uthae Jaenge Jo Kabro’n Me Hain Aur Khol Di Jaegi Jo Seene Me Hai Beshaq Unke Rab Ko Us Din Uski Sab Khabar Hai.

सूरह अल अदियात की कुछ तफ़सीर

सूरह अल अदियात हजरत इब्ने मसऊद रजि अल्लाहु तआला अनहों के कौल के मुताबिक मक्की है और हजरत इब्ने अब्बास रजि अल्लाहु तआला अन्हुमा इसे मदनी बताते हैं इसमें एक 1 रूकुअ, 11 ग्यारह आयतें, 40 चालिस कलिमें, और 163 एक सौ तिरेसठ अक्षर है।

आख़िरी लफ्ज़

आपने यहां पर में सूरह अदियात जानने के साथ साथ इसके बारे में भी कुछ बातें पढ़ी यकीनन आप इसे आसानी से पढ़कर अपने दिल में बसा चुके होंगे। यदि आपके मन में अभी भी कोई सवाल है तो अपने सवालात को कॉन्टैक्ट अस के जरिए पूछ सकते हैं।

अगर आपको यह सूरह अल अदियात अच्छा लगा हो यानी इसे कुछ सीखने को मिला हो तो अमल करें ऐ अल्लाह हमसे यहां पर सूरह अल अदियात पढ़ने या लिखने में एक आयत या एक हर्फ या एक नुक्ते का भी ग़लती हुई हो तो अपने फ़ज़्लो करम से माफ अता फरमा।

My name is Firdaush, and I am the Editor and Writer at Mysurah. I am a Sunni Muslim from Ranchi, India, with experience in teaching and writing about Islam since 2019. My work focuses on writing Quranic Surahs and Islamic content with the aim of pleasing Allah ﷻ and seeking His blessings.