आज यहां पर आप कुरान-ए-पाक की एक बहुत ही अज़ीम सूरह, यानी कि Surah Al Qariah in Hindi, में पढ़ेंगे, साथ ही साथ आप इसका तर्जुमा व तफ़सीर भी जानेंगे।
इसके साथ-साथ रोमन इंग्लिश में भी सूरह अल-क़ारिअह यहां पर लिखी हुई है ताकि, आप इसे अपने पसंदिदा भाषा में आसानी से सही सही पढ़ कर दिल व जेहन में उतार सकें।
फिर कभी भी इसके बाद आपको शायद कहीं पर दोबारा सूरह अल-क़ारिअह देखने की जरूरत ना पड़े इसीलिए आप भी हर हर्फ को सही सही पढ़ कर समझ लें।
Surah Al Qariah in Hindi

बिस्मिल्लाह हिर्रहमान निर्रहिम
अल कारि अतू
मल कारिअह
वमा अदूरा क मल कारिअह
यौ म यकु नुन्नासु कल फरा शिल मब सूस
व तकुनुल जिबालु कल ईह निल मन फुशि
फ अम्मा मन सकु लत वमा जिनुहू
फ हुव फिई शतिर रादि यह
व अम्मा मन खफ्फत मवाजी नुहू
फ उम्मुहू हा वीयह
वमा अदरा क माहियह
नारून हामियह
Surah Al Qariah in Roman English
Bismillah Hirrahmaan Nirraheem.
Al Qaari Atoo
Mal Qariah
Wamaa Aduraa Ka Mal Qariah
Youma Yakoo Nunnasu Qal Fraa Sheel Mab Sus
Wa Takunul Zibaaloo Kal Eih Neel Fushi
Fa Amma Man Saku Lat Wamaa Zinuhoo
Fa Huw Feei Shatir Raadee Yah
Wa Amma Man Khaffat Mawazi Nuhoo
Fa Ummuhu Ha Weeyah
Wamaa Adraa K Maahiyah
Naroon Hamiyah
Surah Al Qariah Tarjuma in Hindi
अल्लाह के नाम से शुरू जो बहुत मेहरबान रहमत वाला, दिल दहलाने क्या वह दहलाने वाली और तुने क्या जाना क्या है दहलाने वाली जिस दिन आदमी होंगे।
जैसे फल पतिंगे और पहाड़ होंगे जैसे धुनकी उन तो जिसकी तौले भारी हुई वो तो मन मानते ऐश में हैं और जिसकी तौले हल्की पड़ी वह नीचा दिखाने वाली गोद में है।
Allah Ke Naam Se Shuru, Jo Bahut Meharban Rahmat Wala. Dil Dahlane Kya Wah Dahlane Wali Aur Tune Kya Jana Kya Hai Dahlane Wali, Jis Din Aadmi Honge.
Jaise Fal Patinge Aur Pahad Honge Jaise Dhunki Un To Jiski Taule Bhari Hui Wo To Man Mante Aesh Me Hain Aur Jiski Taule Halki Padi Wah Nicha Dikhane Wali God Me Hai.
सूरह अल क़ारिअह की तफ़सीर
यह सूरह, यानी सूरह अल-कारिअह, मक्की है। इस सूरह में 1 रूकुअ, 8 आयतें, 36 कलिमें और 152 शब्द हैं।
सूरह अल-कारिअह से मुराद कयामत है जिसकी हौल और हैबत से दिल दहलेंगे और कारीअह कयामत के नामों में से एक नाम है।
जिस तरह यानी पतंगे शोले पर गिरने के वक्त मुंतशिर होते हैं और उनके लिए कोई एक दिशा निर्धारित नहीं होती हर एक दुसरे के खिलाफ दिशा से जाता है।
यही हाल कयामत के दिन खलक के बिखराव का होगा, जिसके टुकड़े अलग अलग हो कर उड़ते हैं यही हाल कयामत के हौल व दहशत से पहाड़ों का होगा।
अमल वजनदार हुई यानी नेकियां ज्यादा हुई यानी जन्नत में मोमिन की नेकियां अच्छी सुरत में लाकर मिजान पर रखी जाएंगी।
अगर वो भारी हुई तो उसकेे लिए जन्नत है और काफिर की बुराइयां बदतरीन सुरत में लाकर मिजान में रखी जाएंगी और तौल हल्की पड़ेगी।
ऐसा इसलिए है क्योंकि काफिर के कर्म बातिल हैं, उनका कोई वजन नहीं है, तो उन्हें जहन्नम में दाखिल किया जाएगा। क्योंकि वह बातिल का अनुकरण करता था।
आख़िरी लफ्ज़
आपने यहां पर कुरान करीम की एक बहुत ही मुकद्दस सूरह यानि सूरह अल कारिअह की तिलावत हिंदी और इंग्लिश के साफ़ लफ़्ज़ों में किया जिसे आप आसानी से पढ़ कर समझ भी गए होंगे।
हमने यहां पर सूरह अल-क़ारिअह को हिंदी और इंग्लिश में तर्जुमा बताने के साथ साथ इसकी तफसीर भी बया की थी जिसे आपको यह भी इल्म हो जाए कि इसका मैसेज क्या है।
सभी बातों को हमने यहां पर साफ और आसान शब्दों में लिखा था जिसे आप आसानी से पढ़ कर समझ सकें ऐ अल्लाह हमसे यहां पर पढ़ने या लिखने में ग़लती हुई हो तो माफ अता फरमा।
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