Surah Zilzal in Hindi & Roman English | सूरह अल-ज़िलज़ाल हिंदी में

आज यहां पर आप कुरान-ए-पाक की एक बहुत ही पाक व रहमत-भरी सूरह, यानी कि Surah Zilzal in Hindi में जानेंगे, साथ ही साथ इंग्लिश में भी तर्जुमा के साथ जानेंगे।

हमने यहां पर सूरह अल-ज़िलज़ाल को शुद्ध और साफ लफ्जों में लिखा है ताकि आप सही सही आसानी से पढ़ सकें जिसे आपको कुरान ए पाक सही से पढ़ने का सवाब भी हासिल हो।

आप से एक गुजारिश यह भी है कि आप हर आयत को अपने जबान से हर हर्फ को सही सही पढ़ें, ताकि कुरान ए पाक का आदाब भी हो जाए और आप को सूरह अल-ज़िलज़ाल भी मालुम हो जाए।

Surah Zilzal in Hindi

Surah Zilzal In Hindi
Surah Zilzal In Hindi

बिस्मिल्लाह हिर्रहमान निर्रहिम

इजा जुल जिलतिल अर्दु जिल जा लहा

व अख र जतिल अर्दु असका लहा

व का लल इनसानु मालहा

यौ मए जिन तु हददिसु अखबा रहा

बि अन न रब्बक औ हा लहा

यौ मए जिन यसदु रून्नासु अशता तल

लि यु रौ अअ मा लहुम

फ मंय्याअमल मिस का ल जर्रतिन खै रंय्य रह

व मंय्याअमल मिसका ल जर्रतिन शर रंय्य रह

Surah Zilzal in English

Bismillah Hirrahmaan Nirraheem

Iza Zulzilatil Ardu Zil Zaa Lahaa.

Wa Akh Raztil Ardu Askaa Lahaa

Wa Ka Lal Insaanu Maalahaa.

Yaw Mae Zin Tu Haddisu Akhbaa Rhaa

Bi-an na Rabbaka Aw Halahaa

Yaw Mae Zin Yasadu runnasu Ashtaa Tal

Li Yu Rau Aaama Lahum.

Fa Manyyamal Miska la Jarratin Khai-ray y Rah.

Wa Manyyamal Miska la Jarratin Shar Ray y Rah.

Surah Zilzal Ka Tarjuma in Hindi

अल्लाह के नाम से शुरू जो बहुत मेहरबान रहमत वाला, जब जमीन थरथरा दी जाए जैसा उसका थरथराना ठहरा है और जमीन अपने बोझ बाहर फेंक दे और आदमी कहे उसे क्या हुआ उस दिन वह अपनी खबरें बताएगी।

इसलिए कि तुम्हारे रब ने उसे हुक्म भेजा उस दिन लोग अपने रब की तरफ फिरेंगे कई राह होकर ताकि अपना किया दिखाए जाए तो जो एक जर्रा भर भलाई करे उसे देखेगा और जो एक जर्रा भर बुराई करे उसे देखेगा।

Allah Ke Naam Se Shuru Jo Bahut Meharbaan Rahmat Wala. Jab Zamin Thartharaa Di Jaae Jaisa Uska Thartharana Thahra Hai Aur Zamin Apne Bojh Bahar Fenk De Aur Aadmi Kahe Use Kya Hua Us Din Wah Apni Khabrein Bataegi.

Isliye Ki Tumhaare Rab Ne Use Huqm Bheja Us Din Log Apne Rab Ki Taraf Firenge Kai Raah Hokar Taaki Apna Kiya Dikhae Jaae To Jo Ek Jrra Bhar Bhalai Kare Use Dekhega Aur Jo Ek Jarra Bhar Burai Kare Use Dekhega.

सूरह अल-ज़िलज़ाल की तफ़सीर

आपको बताते चलें कि इसे सूरह इजा जुलजिलत और सूरह जलजलह भी कहते हैं सूरह अल-ज़िलज़ाल मक्की और कुछ राय में मदनी है इसमें 1 एक रूकुअ 8 आठ आयतें 35 पैंतिस कलिमें 139 एक सौ उन्तालीस अक्षर है।

हजरत इब्ने अब्बास रदियल्लाहो अन्हुमा ने फ़रमाया कि हर मोमिन और काफिर को कयामत के दिन उसके अच्छे बुरे कर्म दिखाए जाएंगे मोमिन को उसकी नेकियां और बदियां दिखाकर अल्लाह तआला बदियां बख्श देगा और नेकियां पर सवाब अता फरमाएगा।

फिर काफिर की नेकियां रद कर दी जाएगी क्योंकि कुफ्र के कारण अकारत हो चुकी होगी और बदियों पर उसका अजाब किया जाएगा मुहम्मद बिन कअब कर्जी ने फरमाया की काफिर ने जर्रा भर नेकी की होगी तो उसका बदला दुनियां में ही वो देख लेगा।

यहां तक कि जब दुनियां से निकलेगा तो उसके पास कोई नेकी न होगी और मोमिन अपने बादियों की सजा दुनियां में ही पाएगा तो आखीरत में उसके साथ कोई बदी न होगी इस आयत में तरगिब है कि नेकी थोड़ी सी भी हो काम आने वाली है।

और चेतावनी है कि गुनाह छोटा सा भी हो बवाल है कुछ मुफसिरों ने यह फरमाया है कि पहली आयत मोमिनों की हक में और आख़िरी की आयत काफिरों की हक में है।

आख़िरी लफ्ज़

आपने उपर की जानिब सूरह अल-ज़िलज़ाल को हिंदी और इंग्लिश के बेहद ही आसान और साफ़ साफ़ शब्दों में पढ़ा जो आपको जरूर अच्छा लगा होगा साथ ही इसकी तफसीर भी पढ़ी।

सूरह अल-ज़िलज़ाल की तफसीर से आपको मालुम हुआ होगा कि असल में इसका मैसेज क्या है और हमलोग को कौन सी बातों से बाज आनी चाहिए ताकि बरोज ए हश्र खुद पर शर्मिन्दा न हों।

ऐ अल्लाह अज़्जवजल हमसे किसी से भी यहां पर सूरह अल-ज़िलज़ाल को पढ़ने या लिखने में एक आयत, एक हर्फ या फिर एक नुक्ते का भी ग़लती हुई हो तो तू अपने फ़ज़्लो करम से माफ अता फरमा।

My name is Firdaush, and I am the Editor and Writer at Mysurah. I am a Sunni Muslim from Ranchi, India, with experience in teaching and writing about Islam since 2019. My work focuses on writing Quranic Surahs and Islamic content with the aim of pleasing Allah ﷻ and seeking His blessings.

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